फुल
हो तुम मुरझाना नहीं,
अपने इस दोस्त
को कभी भुलाना नहीं,
जब तक हम जिन्दा है,
ए दोस्त कभी किसी से घबराना
नहीं। 

दोस्ती का रिश्ता दो अंजानो को जोड देता है,
हर कदम पर जिन्दगी को नया मोड देता है,
सच्चा दोस्त साथ देता है,
तब जब अपना साया भी साथ छोड देता है।



#फर्क तो अपने-अपने #सोच में है….
वरना
#दोस्ती भी
मोहब्बत से कम नही होती। 
हर तरफ कोई
किनारा न
होगा,
गैरों का क्या अपनों का
भी सहारा न
होगा,
कर लो
आजमाइश तुम
सारी दुनियाँ की
मेरे जैसा
कोई और दोस्त
तुम्हारा न
होगा। 
इश्क़ और दोस्ती मेरी ज़िन्दगी के दो जहाँ है,
इश्क़ मेरा रूह तो दोस्ती मेरा इमां है,
इश्क़ पे कर दूँ फ़िदा अपनी ज़िन्दगी…
मगर दोस्ती पे तो मेरा इश्क़ भी कुर्बान है।
दोस्त
तुम पत्थर
भी #मारोगे
तो भर लेंगे झोली अपनी,
क्योंकि #हम
यारों
के तोहफ़े
#ठुकराया
नहीं #करते। 

सोचा मैने तेरे ख्यालों को कागज पे उतारू,
जिसने नवाजा है मेरे दोस्त को इतने सिद्दत से..
कुछ अलफ़ाज़ उसके सजदे में भी कह डालूं।
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हो तुम मुरझाना नहीं,अपने इस दोस्त

को कभी भुलाना नहीं,जब तक हम जिन्दा है,
ए दोस्त कभी किसी से घबराना
नहीं। 

दोस्ती का रिश्ता दो अंजानो को जोड देता है,
हर कदम पर जिन्दगी को नया मोड देता है,
सच्चा दोस्त साथ देता है,
तब जब अपना साया भी साथ छोड देता है।



#फर्क तो अपने-अपने #सोच में है….वरना

#दोस्ती भी
मोहब्बत से कम नही होती। 
हर तरफ कोई
किनारा न
होगा,गैरों का क्या अपनों का
भी सहारा न
होगा,
कर लो
आजमाइश तुम
सारी दुनियाँ कीमेरे जैसा
कोई और दोस्त
तुम्हारा न
होगा। 
इश्क़ और दोस्ती मेरी ज़िन्दगी के दो जहाँ है,
इश्क़ मेरा रूह तो दोस्ती मेरा इमां है,
इश्क़ पे कर दूँ फ़िदा अपनी ज़िन्दगी…
मगर दोस्ती पे तो मेरा इश्क़ भी कुर्बान है।
दोस्त
तुम पत्थर
भी #मारोगे
तो भर लेंगे झोली अपनी,
क्योंकि #हम
यारों
के तोहफ़े
#ठुकराया
नहीं #करते। 

सोचा मैने तेरे ख्यालों को कागज पे उतारू,
जिसने नवाजा है मेरे दोस्त को इतने सिद्दत से..
कुछ अलफ़ाज़ उसके सजदे में भी कह डालूं।
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